Tulsi Panchamrit
तुलसी एक औषधीय पौधा है जिसमें विटामिन (Vitamin) और खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। सभी रोगों को दूर करने और शारीरिक शक्ति बढ़ाने वाले गुणों से भरपूर इस औषधीय पौधे को प्रत्यक्ष देवी कहा गया है क्योंकि इससे ज्यादा उपयोगी औषधि मनुष्य जाति के लिए दूसरी कोई नहीं है। इसके गुणों को देखते हुए तुलसी को जड़ी बूटियों में जड़ी बूटियों की रानी माना जाता है तुलसी में सबसे बढ़िया एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीवायरल, एंटीएलर्जीक और एंटीडिजीज गुण है।. DRS LIFE CARE लेकर आये है DRS तुलसी पंचामृत DRS तुलसी पंचामृत का प्रयोग 200 से अधिक बीमारियों में किया जाता है जैसे कि फ़्लू, स्वाइन फ्लू सभी तरह के बुखार जैसे कि डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, चिकनगुनिया आदि खांसी, जुकाम, जोड़ों का दर्द, ब्लड प्रेशर, मोटापा, शुगर, एलर्जीक हेपेटाइटिस, पेशाब संबंधी समस्या, वात के रोग, नकसीर, फेफड़ों में सूजन, अल्सर, तनाव, थकान, भूख में कमी, उल्टी इत्यादि। DRS तुलसी पंचामृत के गुण :
  1. रोग प्रतिरोधक क्षमता:- DRS तुलसी पंचामृत रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है । तुलसी में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाले गुण जैसे कि अडेप्टोजेन और एंटीआक्सीडेंट शामिल है जो की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते है। रोज DRS तुलसी पंचामृत का प्रयोग हमारे शरीर को स्वस्थ व हाइड्रेटेड रखता है ।
  2. पर्यावरण संरक्षण :- हाल ही में पता चला है कि तुलसी के पर्यावरणीय लाभ भी है तुलसी 20 घंटे तक लगातार ऑक्सीजन और 4 घंटे ओजोन को नेसेन्ट ऑक्सीजन देता है जो पर्यावरण से कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसों को समाप्त करता है।
  3. पीने के पानी को विष व रोगाणुओं से मुक्त करने में :- आजकल बहुत सी समस्या हमारे पीने के पानी से होती है। अगर DRS तुलसी पंचामृत की दो बूंद 1 लीटर पानी में डालकर 5 मिनट बाद यदि उस जल को पीया जाए तो वह जल विष व रोगाणुओं से मुक्त होकर स्वास्थ्यवर्धक हो जाता है।
  4. बच्चों की समस्याओं में DRS तुलसी पंचामृत का प्रयोग:-
  5. • बच्चों को होने वाली समस्याओं जैसे कि खांसी, जुकाम, उल्टी, दस्त आदि में DRS तुलसी पंचामृत बहुत अधिक लाभदायक है । • चिकन पॉक्स में DRS तुलसी पंचामृत बहुत अधिक लाभदायक है इसका प्रयोग शहद के साथ करना चाहिए । • यदि एक बच्चे को दांत निकालने से पूर्व DRS तुलसी पंचामृत प्रतिदिन दी जाए तो दांत निकलते समय होने वाली परेशानी में बच्चे को लाभ मिलता है व दांत आसानी से निकल आते हैं ।मसूड़ों को DRS तुलसी पंचामृत में शहद मिलाकर उसकी मसाज भी की जा सकती है। • DRS तुलसी पंचामृत में शहद मिलाकर देने से बच्चों को खांसी तथा गले में खराश में लाभ मिलता है। • गर्म पानी में DRS तुलसी पंचामृत देने से पेट के कीड़ों से राहत मिलती है।
  6. दर्द निवारण में प्रयोग :- DRS तुलसी पंचामृत में एक विशेष प्रकार का रासायनिक पदार्थ होता है जो दर्द से राहत दिलाने में सहायक है इसके अलावा अन्य कई रासायनिक पदार्थ सूजन तथा न्यूरोलॉजिकल दर्द को कम करने में सहायक है तथा इसका एलोपैथिक दवाओं की तरह कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है तुलसी को घाव तथा जख्मों को भरने में भी इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि यह एक अच्छे एंटीसेप्टिक के रूप में भी कार्य करता है।
  7. मस्तिष्क संबंधी समस्याओं में DRS तुलसी पंचामृत का प्रयोग:- • सिरदर्द, माइग्रेन या फिर याददाश्त संबंधी समस्याओं में DRS तुलसी पंचामृत की 10 बूंद एलो जैल में मिलाकर सिर, माथे, कनपटी व बालों की जड़ों में मालिश करनी चाहिए। • याददाश्त की कमी में DRS तुलसी पंचामृत को शहद में मिलाकर खाली पेट सेवन करना चाहिए। • शहद में DRS तुलसी पंचामृत को मिलाकर चाटने से चक्कर आना बंद हो जाता है।
  8. गले के रोगों में DRS तुलसी पंचामृत का प्रयोग:-
    • गले के रोग जैसे कि मुंह में छाले , आवाज का बैठ जाना आदि में DRS तुलसी पंचामृत की 8-10 बूंद को गर्म पानी में डालकर उस पानी के गरारे करने चाहिए।साथ में DRS तुलसी पंचामृत को थोड़ी सी काली मिर्च के चूर्ण के साथ सेवन करना चाहिए इससे बहुत अधिक लाभ मिलता है।
    • अल्सर और मुंह के अन्य संक्रमण में DRS तुलसी पंचामृत का सेवन फायदेमंद साबित होती हैं। रोजाना DRS तुलसी पंचामृत की 8-10 बूंद को गर्म पानी में डालकर पीने से मुंह का संक्रमण दूर हो जाता है।
  9. दांतो के रोग DRS तुलसी पंचामृत का प्रयोग :- दांत का दर्द, दांत में कीड़ा लगना , मसूड़ों में खून आना आदि में DRS तुलसी पंचामृत की 4 – 5 बूँदे पानी में डालकर कुल्ला करना चाहिए।
  10. ब्लड शुगर या डायबिटीज में DRS तुलसी पंचामृत का प्रयोग :- DRS तुलसी पंचामृत में बहुत से एंटीऑक्सीडेंट तथा तैलीय तत्त्व जैसे कि यूजेनॉल, मिथाइल यूजेनॉल, कार्योफायलेन आदि होते है जो इन्सुलिन की उत्पत्ति में सहायक होते है, इसी कारण DRS तुलसी पंचामृत ब्लड-शुगर को कम करने में काफी लाभदायक है।
  11. रक्त संबंधित रोगों में DRS तुलसी पंचामृत का प्रयोग:-
    • DRS तुलसी पंचामृत रक्त की सफाई करने का काम करता है।
    • खून की कमी में DRS तुलसी पंचामृत का प्रयोग बहुत अधिक लाभदायक है यह शरीर के लाल रक्त सेल्स को बढ़ाने में बहुत सहायक सिद्ध होता है।
    • ब्लड-प्रेशर को सामान्य रखने के लिए DRS तुलसी पंचामृत का सेवन करना चाहिए।
    • DRS तुलसी पंचामृत और काली मिर्च के पाउडर को मिलाकर लेने से वात रोग दूर हो जाता है।
    • बदलते मौसम में चाय बनाते हुए हमेशा DRS तुलसी पंचामृत डाल दें। वायरल से बचाव रहेगा।